मृदा (Soil) पर संपूर्ण अध्ययन मार्गदर्शिका
यह मार्गदर्शिका भारत की मृदा के प्रकार, विशेषताओं और महत्वपूर्ण तथ्यों का व्यापक अवलोकन प्रदान करती है।
महत्वपूर्ण शब्दावली एवं तथ्य
- उत्पत्ति: 'मृदा' (Soil) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द 'सोलम' (Solum) से हुई है, जिसका अर्थ 'फर्श' होता है।
- मृदा अपरदन: इसे वनरोपण (Afforestation) द्वारा प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
- चम्बल घाटी: इसका निर्माण अवनालिका अपरदन (Gully Erosion) का परिणाम है।
भारत में मृदा के प्रमुख प्रकार
1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil)
यह भारत के सर्वाधिक क्षेत्रफल में पाई जाने वाली मृदा है, जिसे कछारी मृदा भी कहते हैं। यह उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक पाई जाती है। गंगा के मैदान की नई उपजाऊ मिट्टी खादर कहलाती है।
2. काली मृदा (Black Soil)
इसे 'रेगुर' के नाम se जाना जाता है और इसे 'स्वतः जुताई वाली मृदा' भी कहते हैं क्योंकि इसे सिंचाई की कम आवश्यकता पड़ती है। इसका सर्वाधिक विस्तार महाराष्ट्र और मालवा पठार में है।
3. लाल और पीली मृदा (Red and Yellow Soil)
फेरिक ऑक्साइड के कारण इसका रंग लाल होता है। इसमें सामान्यतः नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी पाई जाती है।
4. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil)
यह चाय बागानों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह मुख्य रूप से मालाबार तटीय प्रदेशों में पाई जाती है।
मृदा pH मान एवं उपचार
| pH मान | मिट्टी की प्रकृति | उपचार |
|---|---|---|
| 1 से 6 | अम्लीय (Acidic) | लाइम या चूना |
| 7 | उदासीन (Neutral) | - |
| 8 से 14 | क्षारीय (Alkaline) | जिप्सम |
अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Quiz)
- 'रेगुर' मृदा को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
- चाय बागानों के लिए कौन सी मृदा सर्वाधिक उपयुक्त है?
- मृदा की क्षारीयता कम करने के लिए किसका प्रयोग होता है?
- लाल मृदा का लाल रंग किसके कारण होता है?
Answer Key (Click to Show)
1. काली मृदा | 2. लैटेराइट मृदा | 3. जिप्सम | 4. फेरिक ऑक्साइड