UP GK Notes: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संसाधन | Energy Resources of UP: Thermal Power, Narora Nuclear Plant, Rihand Dam & Solar Projects
उत्तर प्रदेश में औद्योगीकरण और कृषि विकास की धुरी यहां का ऊर्जा क्षेत्र है। राज्य में ऊर्जा उत्पादन मुख्यतः पारंपरिक स्रोतों (कोयला आधारित ताप विद्युत) पर निर्भर रहा है, परंतु अब हरित ऊर्जा (सौर एवं जल विद्युत) और परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ रही है। सोनभद्र को उत्तर प्रदेश की 'ऊर्जा राजधानी' (Energy Capital) कहा जाता है, जहां देश के विशालतम ताप विद्युत संयंत्र और प्रसिद्ध रिहंद बांध (गोविंद वल्लभ पंत सागर) स्थित हैं। इसके अतिरिक्त बुलंदशहर का नरोरा परमाणु केंद्र और बुंदेलखंड का उभरता सौर ऊर्जा हब प्रतियोगी परीक्षाओं के सर्वाधिक महत्वपूर्ण अध्ययन बिंदु हैं।
1. उत्तर प्रदेश में ऊर्जा प्रबंधन: संस्थागत ढांचा एवं ऐतिहासिक तथ्य
- राज्य विद्युत परिषद: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का गठन 1 अप्रैल 1959 को विद्युत (प्रदाय) अधिनियम, 1948 के तहत किया गया था।
- विद्युत सुधार अधिनियम, 1999: 14 जनवरी 2000 को उत्तर प्रदेश विद्युत सुधार अधिनियम, 1999 के तहत राज्य विद्युत परिषद को समाप्त कर तीन स्वतंत्र निगम बनाए गए:
- UPRVUNL: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (तापीय ऊर्जा उत्पादन हेतु)।
- UPJVNL: उत्तर प्रदेश जल विद्युत निगम लिमिटेड (जल विद्युत उत्पादन हेतु)।
- UPPCL: उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पारेषण एवं वितरण हेतु)।
- UPNEDA (उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण): गैर-पारंपरिक व सौर ऊर्जा स्रोतों के विकास हेतु अप्रैल 1983 में 'अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग' के तहत नेडा (NEDA) का गठन किया गया था।
2. ताप विद्युत गृह (Thermal Power Stations in UP)
उत्तर प्रदेश में विद्युत उत्पादन का 80% से अधिक हिस्सा तापीय ऊर्जा (कोयला एवं गैस) से प्राप्त होता है। इन्हें राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) और केंद्रीय क्षेत्र (NTPC) में विभाजित किया गया है:
| ताप विद्युत संयंत्र | स्थान / जिला | प्रबंधन / प्रकार | विशेष विवरण एवं परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|---|
| हरदुआगंज ताप विद्युत गृह | कासिमपुर (अलीगढ़) | राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) | प्रदेश का सबसे पुराना ताप विद्युत संयंत्र (स्थापना: 1942 में, 1968 में सोवियत संघ के सहयोग से पुनर्गठित)। |
| ओबरा ताप विद्युत संयंत्र | ओबरा (सोनभद्र) | राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) | रूस (पूर्व सोवियत संघ) के सहयोग से स्थापित; सिंगरौली कोयला खानों से कोयला प्राप्त। |
| अनपरा ताप विद्युत संयंत्र | अनपरा (सोनभद्र) | राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) | जापान के सहयोग से विकसित; राज्य के सबसे बड़े ताप विद्युत संयंत्रों में से एक (अनपरा A, B, D एवं E)। |
| परीक्षा ताप विद्युत गृह | परीक्षा (झांसी) | राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) | बेतवा नदी के निकट स्थित; बुंदेलखंड क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति। |
| पनकी ताप विद्युत संयंत्र | कानपुर नगर | राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) | 660 मेगावाट सुपरक्रिटिकल तापीय इकाई स्थापित। |
| जवाहरपुर सुपर थर्मल पावर | एटा | राज्य क्षेत्र (UPRVUNL) | 1320 मेगावाट (2×660 MW) सुपरक्रिटिकल प्रोजेक्ट। |
| NTPC सिंगरौली सुपर थर्मल | शक्तिनगर (सोनभद्र) | केंद्रीय क्षेत्र (NTPC) | NTPC का देश में पहला विद्युत संयंत्र (1977 में स्थापित)। |
| NTPC रिहंद सुपर थर्मल | बीजपुर (सोनभद्र) | केंद्रीय क्षेत्र (NTPC) | 3,000 मेगावाट की स्थापित क्षमता। |
| NTPC दादरी / टांडा / ऊंचाहार | दादरी (GB नगर) / अंबेडकर नगर / रायबरेली | केंद्रीय क्षेत्र (NTPC) | दादरी में कोयला एवं गैस दोनों आधारित इकाइयां हैं। औरैया में NTPC गैस आधारित संयंत्र है। |
3. नरोरा परमाणु विद्युत संयंत्र (Narora Atomic Power Station - NAPS)
- अवस्थिति: नरोरा (बुलंदशहर जिला) — गंगा नदी के किनारे।
- विशिष्ट पहचान: उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र तथा उत्तर भारत का प्रमुख परमाणु केंद्र।
- प्रबंधक एजेंसी: भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम (NPCIL - Nuclear Power Corporation of India Limited)।
- रिएक्टर प्रकार: दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR - Pressurised Heavy Water Reactor)। इसमें ईंधन के रूप में प्राकृतिक यूरेनियम तथा मंदक व शीतलक के रूप में भारी जल (D₂O) का प्रयोग होता है।
- क्षमता एवं इकाइयां: कुल 440 मेगावाट (220 MW × 2 इकाइयां)।
- प्रथम इकाई चालू होने की तिथि: 1 जनवरी 1991।
- द्वितीय इकाई चालू होने की तिथि: 1 जुलाई 1992।
- सुरक्षा तथ्य: यह संयंत्र भूकंपीय जोन-IV में स्थित होने के कारण विशेष भूकंप-रोधी तकनीक से निर्मित है।
4. रिहंद जलविद्युत परियोजना एवं प्रमुख हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स
A. रिहंद परियोजना (Rihand Hydroelectric Project):
- नदी एवं स्थान: सोन की सहायक रिहंद नदी पर, पिपरी (सोनभद्र) में।
- जलाशय का नाम: इसके पीछे निर्मित विशाल कृत्रिम झील का नाम 'गोविंद वल्लभ पंत सागर' है (उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री के नाम पर)। यह भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित (कृत्रिम) मीठे पानी की झील है।
- विद्युत क्षमता: 300 मेगावाट (50 MW × 6 टर्बाइन)।
- महत्व: यह परियोजना रेणुकूट के हिंडाल्को एल्युमीनियम संयंत्र, रेलवे एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के नलकूपों को प्रचुर सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है।
B. ओबरा जलविद्युत परियोजना:
- रिहंद बांध से 32 किमी नीचे रिहंद नदी पर ओबरा (सोनभद्र) में एक मिट्टी-भराव बांध बनाकर 99 मेगावाट (33 MW × 3) की जलविद्युत इकाई स्थापित की गई है।
C. अन्य प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं:
- माताटीला जलविद्युत परियोजना: बेतवा नदी पर, ललितपुर में (30.6 MW)। इसे उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना के रूप में विकसित किया गया है। इसे 'रानी लक्ष्मीबाई बांध' भी कहते हैं।
- राजघाट परियोजना: बेतवा नदी पर ललितपुर में (UP व MP की संयुक्त 45 MW परियोजना)।
- शीतला जलविद्युत गृह: झांसी के निकट मऊरानीपुर में बेतवा नहर पर (3.6 MW)।
- खतौली, सलावा, भोला एवं जानी जलविद्युत केंद्र: ऊपरी गंगा नहर (मेरठ/मुजफ्फरनगर) पर स्थापित लघु पनबिजली संयंत्र।
5. सौर ऊर्जा एवं गैर-पारंपरिक ऊर्जा विकास (Solar & Renewable Energy)
- उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2022: आगामी 5 वर्षों में 22,000 मेगावाट (22 GW) सौर विद्युत उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है (जिसमें 14 GW सोलर पार्क, 6 GW रूफटॉप तथा 2 GW पीएम कुसुम कृषि घटक शामिल हैं)।
- अयोध्या - मॉडल सोलर सिटी: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या को प्रदेश की पहली 'मॉडल सोलर सिटी' के रूप में विकसित किया गया है, जहां 40 मेगावाट का सोलर प्लांट सरयू तट पर स्थापित है तथा सोलर बोट्स और सोलर स्ट्रीट लाइट्स संचालित हैं।
- बुंदेलखंड सोलर हब: बुंदेलखंड में उच्च सौर विकिरण (Solar Insolation) के कारण जालौन, झांसी, ललितपुर, बांदा एवं महोबा में 4000+ मेगावाट के विशाल अल्ट्रा-मेगा सोलर पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
- महोबा एवं जालौन में कई निजी व सार्वजनिक सोलर प्रोजेक्ट्स ग्रिड से जुड़े हैं।
- फ्लोटिंग सोलर प्लांट (तैरता हुआ सौर संयंत्र): रिहंद जलाशय (सोनभद्र) पर देश के शुरुआती बड़े फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित किए गए हैं।
- एकमात्र परमाणु संयंत्र: नरोरा (बुलंदशहर) — 440 MW (1991-92 में संचालित)।
- ऊर्जा राजधानी: सोनभद्र (ओबरा, अनपरा, एनटीपीसी सिंगरौली व रिहंद बांध के कारण)।
- सबसे पुराना ताप विद्युत संयंत्र: हरदुआगंज (अलीगढ़) — 1942 में स्थापित।
- गोविंद वल्लभ पंत सागर: रिहंद नदी (पिपरी, सोनभद्र) पर स्थित भारत की विशालतम मानव निर्मित झील।
- प्रथम मॉडल सोलर सिटी: अयोध्या धाम।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा उत्पादन केंद्र 'नरोरा परमाणु विद्युत संयंत्र' किस जिले में स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. उत्तर प्रदेश का सबसे प्राचीन ताप विद्युत गृह निम्नलिखित में से कौन सा है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. 'ओबरा ताप विद्युत संयंत्र' का निर्माण उत्तर प्रदेश में किस विदेशी राष्ट्र के तकनीकी सहयोग से किया गया था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित कृत्रिम झील 'गोविंद वल्लभ पंत सागर' किस बांध परियोजना के पीछे स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के किस ऐतिहासिक शहर को पहली 'मॉडल सोलर सिटी' के रूप में विकसित किया जा रहा है?
उत्तर एवं व्याख्या
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