UP GK Notes: स्वतंत्रता आंदोलन (1900–1947) — काकोरी एक्शन, चौरी-चौरा व किसान आंदोलन
20वीं शताब्दी के भारतीय स्वाधीनता संग्राम में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय राजनीति और जनक्रांति की मुख्य धुरी रहा। असहयोग आंदोलन के दौरान चौरी-चौरा की घटना, काकोरी ट्रेन एक्शन, रामप्रसाद बिस्मिल व चंद्रशेखर आजाद का क्रांतिकारी संघर्ष, बाबा रामचंद्र व मदारी पासी के नेतृत्व में किसान आंदोलन और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ऐतिहासिक अधिवेशन उत्तर प्रदेश की धरती पर ही संपन्न हुए।
1. चौरी-चौरा कांड एवं असहयोग आंदोलन (1922)
- स्थान एवं तिथि: 4 फरवरी 1922 (आधिकारिक यूपी बोर्ड व अभिलेखानुसार) को गोरखपुर के चौरी-चौरा नामक स्थान पर सत्याग्रहियों के शांतिपूर्ण जुलूस पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज व गोलीबारी की गई।
- घटना: आक्रोशित भीड़ ने पुलिस थाने को घेरकर आग लगा दी, जिसमें एक थानेदार सहित 22 पुलिसकर्मी जिंदा जल गए। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व भगवान अहीर कर रहे थे।
- आंदोलन वापसी: हिंसा से क्षुब्ध होकर महात्मा गांधी ने 12 फरवरी 1922 को बारदोली (गुजरात) में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement) को स्थगित कर दिया।
- अदालत में पैरवी: चौरी-चौरा के अभियुक्तों की तरफ से अदालत में ऐतिहासिक पैरवी पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी और अधिकांश देशभक्तों को फांसी के फंदे से बचाया।
2. क्रांतिकारी आंदोलन: HRA एवं काकोरी ट्रेन एक्शन (1925)
- HRA की स्थापना (1924): अक्टूबर 1924 में कानपुर में शचीन्द्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल, योगेश चटर्जी और चंद्रशेखर आजाद ने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) का गठन किया।
- काकोरी ट्रेन एक्शन (9 अगस्त 1925): सहारनपुर से लखनऊ जा रही '8 डाउन ट्रेन' को लखनऊ के पास स्थित काकोरी स्टेशन पर रोककर क्रांतिकारियों ने सरकारी खजाना लूट लिया। (नोट: उत्तर प्रदेश सरकार ने इसका नाम बदलकर 'काकोरी ट्रेन एक्शन' किया है)।
- अमर शहीदों को फांसी (दिसंबर 1927): इस केस में 4 प्रमुख क्रांतिकारियों को फांसी दी गई (परीक्षा में सुमेलित करने हेतु बार-बार पूछा जाता है):
- पंडित रामप्रसाद 'बिस्मिल': गोरखपुर जेल (कथन: "अब मैं केवल भारत माता का दूध पियूँगा")
- अशफाक उल्ला खां: फैजाबाद (अयोध्या) जेल (रिकॉर्ड में फांसी पाने वाले पहले मुस्लिम क्रांतिकारी)
- रोशन सिंह: नैनी (प्रयागराज) जेल (मलाका जेल)
- राजेंद्र लाहिड़ी: गोंडा जेल (नियत तिथि से दो दिन पूर्व 17 दिसंबर को फांसी)
- HSRA का गठन (1928): सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह के नेतृत्व में इसका नाम हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन किया गया।
- चंद्रशेखर आजाद का बलिदान (27 फरवरी 1931): प्रयागराज के अल्फ्रेड पार्क (वर्तमान चंद्रशेखर आजाद पार्क) में पुलिस अधिकारी नॉट-बावर के साथ अंतिम गोली तक लड़ते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए।
3. उत्तर प्रदेश के प्रमुख किसान एवं जन आंदोलन
जमींदारी शोषण, बेदखली और अवैध लगान के विरोध में उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र में ऐतिहासिक किसान आंदोलन उभरे:
| आंदोलन / संगठन | वर्ष | मुख्य नेतृत्वकर्ता | प्रभावित क्षेत्र एवं मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|
| UP किसान सभा | फरवरी 1918 | गौरीशंकर मिश्र, इंद्रनारायण द्विवेदी, मदन मोहन मालवीय | प्रयागराज एवं अवध क्षेत्र में किसानों को राजनीतिक रूप से संगठित किया। |
| अवध किसान सभा | अक्टूबर 1920 | बाबा रामचंद्र, जवाहरलाल नेहरू | प्रतापगढ़ के खरगांव में स्थापना; 'नाई-धोबी बंद' सामाजिक बहिष्कार आंदोलन चलाया। |
| एका (एकता) आंदोलन | 1921–1922 | मदारी पासी एवं सहदेव | हरदोई, बहराइच, सीतापुर; 50% से अधिक लगान वसूली के विरुद्ध किसानों का उग्र आंदोलन। |
| अखिल भारतीय किसान सभा | अप्रैल 1936 | स्वामी सहजानंद सरस्वती (अध्यक्ष), एन.जी. रंगा (सचिव) | लखनऊ में प्रथम अखिल भारतीय अधिवेशन संपन्न हुआ। |
4. उत्तर प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ऐतिहासिक अधिवेशन
1885 से 1947 के मध्य उत्तर प्रदेश में कुल 9 बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किए गए:
| वर्ष | स्थान | अध्यक्ष | ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|---|
| 1888 | इलाहाबाद (प्रयागराज) | जॉर्ज यूल (George Yule) | कांग्रेस के प्रथम यूरोपीय/अंग्रेज अध्यक्ष। |
| 1892 | इलाहाबाद | व्योमेश चंद्र बनर्जी | इलाहाबाद में दूसरा अधिवेशन। |
| 1899 | लखनऊ | रमेश चंद्र दत्त (R.C. Dutt) | भू-राजस्व स्थायी करने की मांग। |
| 1905 | बनारस (वाराणसी) | गोपाल कृष्ण गोखले | बंग-भंग (बंगाल विभाजन) एवं स्वदेशी का समर्थन। |
| 1910 | इलाहाबाद | सर विलियम वेडरबर्न | अंग्रेज अधिकारी द्वारा अध्यक्षता। |
| 1916 | लखनऊ | अंबिका चरण मजूमदार | लखनऊ समझौता (Lucknow Pact): गरम दल व नरम दल का पुनः मिलन, कांग्रेस व मुस्लिम लीग में समझौता। |
| 1925 | कानपुर | श्रीमती सरोजिनी नायडू | कांग्रेस की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष। |
| 1936 | लखनऊ | पंडित जवाहरलाल नेहरू | समाजवाद को कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य घोषित किया गया। |
| 1946 | मेरठ | आचार्य जे.बी. कृपलानी | स्वतंत्रता के समय (15 अगस्त 1947) कृपलानी जी ही कांग्रेस के अध्यक्ष थे। |
5. भारत छोड़ो आंदोलन (1942) एवं बलिया में समानांतर सरकार
- बलिया का विद्रोह (अगस्त 1942): चित्तू पांडेय (जिन्हें 'बलिया का शेर' कहा जाता है) के नेतृत्व में बलिया में भारत की पहली समानांतर सरकार (Parallel Government) स्थापित की गई।
- जिले के सभी कैदियों को जेल से छुड़ाकर स्थानीय प्रशासन अपने हाथ में ले लिया गया था।
- चौरी-चौरा की तिथि: 4 फरवरी 1922 (जिसके कारण 12 फरवरी 1922 को असहयोग आंदोलन वापस हुआ)।
- काकोरी ट्रेन एक्शन: 9 अगस्त 1925 (बिस्मिल को गोरखपुर, अशफाक उल्ला को फैजाबाद व रोशन सिंह को प्रयागराज में फांसी दी गई)।
- एका आंदोलन के नेता: हरदोई और बहराइच क्षेत्र के मदारी पासी।
- प्रथम भारतीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष: सरोजिनी नायडू (1925 कानपुर अधिवेशन)।
- बलिया में समानांतर सरकार: 1942 भारत छोड़ो आंदोलन के समय चित्तू पांडेय द्वारा।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. काकोरी ट्रेन एक्शन (1925) में क्रांतिकारी अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को उत्तर प्रदेश की किस जेल में फांसी दी गई थी?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. 1916 का प्रसिद्ध 'लखनऊ समझौता' (Lucknow Pact) किसकी अध्यक्षता में संपन्न हुआ था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. 1921-22 में अवध के किसानों द्वारा चलाया गया 'एका आंदोलन' का मुख्य केंद्र कौन सा क्षेत्र था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के समय उत्तर प्रदेश के किस जिले में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में समानांतर सरकार बनी थी?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता के समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष कौन थे, जिनका चुनाव मेरठ अधिवेशन (1946) में हुआ था?
उत्तर एवं व्याख्या
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