UP GK Notes: उत्तर प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक व्यक्तित्व एवं साहित्यकार | Famous Personalities & Writers of UP
उत्तर प्रदेश भारत की साहित्यिक, दार्शनिक और सांस्कृतिक चेतना की जन्मभूमि रहा है। भक्तिकालीन संत कबीरदास और गोस्वामी तुलसीदास, खड़ी बोली व कव्वाली के जनक अमीर खुसरो, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद तथा छायावाद के महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जैसी युगप्रवर्तक विभूतियों ने इसी पावन भूमि पर अपनी कालजयी रचनाओं से भारतीय समाज को दिशा दी। प्रतियोगी परीक्षाओं में इनके जन्मस्थान, प्रमुख कृतियों और उपाधियों से संबंधित प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं।
1. प्रमुख भक्तिकालीन संत एवं कवि (Bhakti Movement Saints & Poets)
- संत कबीरदास (Sant Kabir Das):
- जन्म स्थान: 1398 ई. (लगभग), वाराणसी (लहरतारा ताल के समीप)। पालन-पोषण नीरू और नीमा नामक जुलाहा दंपत्ति ने किया।
- गुरु: स्वामी रामानंद। कबीर निर्गुण ज्ञानमार्गी शाखा के प्रमुख प्रवर्तक थे।
- प्रमुख रचना: 'बीजक' (जिसके तीन भाग हैं: साखी, सबद, रमैनी)। इनकी भाषा को सधुक्कड़ी या पंचमेल खिचड़ी कहा जाता है।
- महापरिनिर्वाण / निर्वाण स्थल: मगहर (संत कबीर नगर जिला)। मान्यता है कि रूढ़िवाद तोड़ने के लिए वे अंतिम समय मगहर चले गए थे।
- गोस्वामी तुलसीदास (Goswami Tulsidas):
- जन्म स्थान: राजापुर (चित्रकूट जिला)। कुछ विद्वान सोरों (कासगंज) भी मानते हैं।
- गुरु: नरहरिदास (नरहर्यानंद)।
- प्रमुख महाकाव्य: 'रामचरितमानस' (अवधी भाषा में रचित, जिसे पूरा करने में 2 वर्ष 7 माह 26 दिन लगे)।
- अन्य कृतियां: विनय पत्रिका (ब्रजभाषा), कवितावली, दोहावली, गीतावली, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, बरवै रामायण।
- निधन स्थल: अस्सी घाट, वाराणसी (1623 ई.)।
- संत रविदास / रैदास (Sant Ravidas):
- जन्म स्थान: सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी।
- गुरु: स्वामी रामानंद। मीराबाई के आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं।
- प्रसिद्ध उक्ति: "मन चंगा तो कठौती में गंगा।" इनके लगभग 40 पद सिखों के पवित्र ग्रंथ 'गुरु ग्रंथ साहिब' में संकलित हैं।
- सूरदास (Surdas):
- जन्म स्थान: रुनकता (आगरा-मथुरा मार्ग) अथवा सीही (दिल्ली के निकट)।
- गुरु: वल्लभाचार्य (अष्टछाप के सर्वश्रेष्ठ कवि)। कृष्ण भक्ति की सगुण शाखा के प्रतिनिधि।
- प्रमुख रचनाएं: सूरसागर, सूरसारावली, साहित्य लहरी (ब्रजभाषा)।
2. अमीर खुसरो: 'तूती-ए-हिंद' (Amir Khusro - The Parrot of India)
- वास्तविक नाम एवं जन्म: अबुल हसन यमीनुद्दीन खुसरो। जन्म 1253 ई. में पटियाली (वर्तमान कासगंज जिला, पूर्व में एटा) में हुआ था।
- आध्यात्मिक गुरु: सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया के परम शिष्य।
- सांस्कृतिक योगदान एवं उपाधियां:
- इन्हें 'तूती-ए-हिंद' (Tuti-e-Hind) यानी 'भारत का तोता' कहा जाता है।
- खड़ी बोली हिंदी (Hindavi) के प्रथम कवि माने जाते हैं।
- इन्हें भारतीय शास्त्रीय संगीत में सितार (वीणा व तंबूरे का मिश्रण) एवं तबला (पखावज को दो भागों में बांटकर) के आविष्कार का श्रेय प्राप्त है।
- भारतीय संगीत में कव्वाली शैली, तराना और ख्याल गायकी के प्रवर्तक।
- इन्होंने दिल्ली सल्तनत के 7 से अधिक सुल्तानों का शासनकाल देखा (बलबन से लेकर गयासुद्दीन तुगलक तक)।
- प्रमुख कृतियां: किरान-उस-सादैन, मिफ्ताह-उल-फुतूह, खजाइन-उल-फुतूह (तारीख-ए-अलाई), नूह सिपिहर, तुगलकनामा।
3. आधुनिक काल के महान साहित्यकार (Modern Hindi Literary Giants)
| साहित्यकार | जन्म स्थान (जिला) | उपाधि / विशेषता | प्रमुख कालजयी कृतियां |
|---|---|---|---|
| मुंशी प्रेमचंद | लमही (वाराणसी) | उपन्यास सम्राट / कहानी सम्राट (मूल नाम: धनपत राय श्रीवास्तव; उर्दू में नाम: नवाब राय) | उपन्यास: गोदान, गबन, सेवासदन, रंगभूमि, कर्मभूमि, निर्मला। कहानी: कफन, पूस की रात, पंच परमेश्वर, ईदगाह। |
| भारतेंदु हरिश्चंद्र | वाराणसी | आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह (जनक) | नाटक: भारत दुर्दशा, अंधेर नगरी, सत्य हरिश्चंद्र। पत्रिका: कवि वचन सुधा, हरिश्चंद्र मैगजीन। |
| जयशंकर प्रसाद | वाराणसी (सुंघनी साहू परिवार) | छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक (ब्रह्मा) | महाकाव्य: कामायनी। नाटक: चंद्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी। काव्य: आंसू, लहर, झरना। |
| सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' | मेदिनीपुर (कार्यक्षेत्र: गढ़ाकोला, उन्नाव व प्रयागराज) | छायावाद के 'महेश' / महाप्राण (मुक्त छंद के प्रवर्तक) | काव्य: सरोज स्मृति, राम की शक्ति पूजा, अनामिका, परिमल, कुकुरमुत्ता, जूही की कली। |
| महादेवी वर्मा | फर्रुखाबाद (1907 ई.) | 'आधुनिक युग की मीरा' / छायावाद की शक्ति | ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त कृति: 'यामा' (1982)। अन्य: नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, दीपशिखा, अतीत के चलचित्र। |
| मैथिलीशरण गुप्त | चिरगांव (झांसी) | राष्ट्रकवि (महात्मा गांधी द्वारा 'भारत-भारती' कृति पर दी गई उपाधि) | महाकाव्य: साकेत। अन्य: भारत-भारती, यशोधरा, पंचवटी, द्वापर, जयद्रथ वध। |
| हरिवंश राय बच्चन | प्रयागराज (बाबूपट्टी) | हालावाद के प्रवर्तक (प्रथम सरस्वती सम्मान विजेता) | मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, निशा निमंत्रण। आत्मकथा: क्या भूलूं क्या याद करूं (4 खंड)। |
4. उत्तर प्रदेश के अन्य ऐतिहासिक एवं नवरत्न व्यक्तित्व (Historical Luminaries)
- बीरबल (महेश दास): जन्म कालपी (जालौन) में हुआ था। ये अकबर के नवरत्नों में प्रमुख थे और अकबर द्वारा चलाए गए 'दीन-ए-इलाही' धर्म को स्वीकार करने वाले एकमात्र हिंदू थे।
- टोडरमल: जन्म लहरपुर (सीतापुर) में हुआ था। अकबर के दीवान/वित्त मंत्री, जिन्होंने प्रसिद्ध भू-राजस्व प्रणाली 'दहसाला बंदोबस्त' (Ain-i-Dahsala, 1580 ई.) का प्रवर्तन किया था।
- तानसेन (रामतनु पांडेय): यद्यपि जन्म ग्वालियर में हुआ, परंतु इनका प्रमुख कार्यक्षेत्र वृंदावन (स्वामी हरिदास के शिष्य) तथा आगरा का मुगल दरबार रहा। इन्हें 'मियां' की उपाधि अकबर ने दी थी।
- रानी लक्ष्मीबाई (मनु / मणिकर्णिका): जन्म वाराणसी (भदैनी/अस्सी घाट) में हुआ था। विवाह झांसी के राजा गंगाधर राव से हुआ। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में झांसी व कालपी से अंग्रेजों के विरुद्ध अद्वितीय शौर्य का प्रदर्शन किया।
- मंगल पांडे: जन्म नगवा (बलिया) में हुआ था। 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री (बैरकपुर) के सिपाही, जिन्होंने 29 मार्च 1857 को चर्बीयुक्त कारतूस के विरोध में विद्रोह का प्रथम बिगुल फूंका।
- खड़ी बोली के प्रथम कवि: अमीर खुसरो (जन्म: पटियाली, कासगंज)। इन्हें सितार व तबले का जनक भी माना जाता है।
- कबीरदास की निर्वाण स्थली: मगहर (संत कबीर नगर)। जन्म वाराणसी में हुआ था।
- उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद: जन्म लमही (वाराणसी) में हुआ था (मूल नाम धनपत राय था)।
- राष्ट्रकवि की उपाधि: महात्मा गांधी ने मैथिलीशरण गुप्त (चिरगांव, झांसी) को उनकी रचना 'भारत-भारती' के लिए दी थी।
- दहसाला बंदोबस्त के जनक: अकबर के वित्त मंत्री टोडरमल का संबंध लहरपुर (सीतापुर) से था।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. प्रसिद्ध संगीतज्ञ एवं कवि अमीर खुसरो का जन्म उत्तर प्रदेश के किस जिले (स्थान) में हुआ था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. हिंदी के किस महान उपन्यासकार का जन्म वाराणसी के निकट 'लमही' ग्राम में हुआ था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. अकबर के प्रसिद्ध नवरत्नों में से एक 'बीरबल' (महेश दास) का जन्म उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर हुआ था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. 'आधुनिक युग की मीरा' के रूप में विख्यात महादेवी वर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के किस नगर में हुआ था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. मुगल सम्राट अकबर के शासनकाल में प्रसिद्ध भू-राजस्व व्यवस्था 'दहसाला पद्धति' के प्रवर्तक टोडरमल उत्तर प्रदेश के किस जिले से संबंधित थे?
उत्तर एवं व्याख्या
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