UP GK Notes: उत्तर प्रदेश के प्रमुख उद्योग एवं औद्योगिक शहर | Major Industries & Industrial Cities of UP | ODOP List
उत्तर प्रदेश भारत की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और देश के प्रमुख विनिर्माण (Manufacturing) एवं हस्तशिल्प केंद्रों में गिना जाता है। राज्य के विभिन्न शहर अपने विशिष्ट पारंपरिक उत्पादों के लिए विश्वविख्यात हैं—जैसे कानपुर को 'उत्तर भारत का मैनचेस्टर' एवं चर्म उद्योग का केंद्र, आगरा को फुटवियर हब, मुरादाबाद को 'पीतल नगरी' (Brass City), फिरोजाबाद को 'सुहाग नगरी' (Glass City) तथा भदोही को 'कालीन नगरी' (Carpet City) के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त है। उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना ने इन पारंपरिक औद्योगिक संकुलों (Clusters) को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है।
1. उत्तर प्रदेश के 4 प्रमुख पारंपरिक उद्योग (Detailed Breakdown)
- A. चमड़ा उद्योग (Leather Industry) — कानपुर एवं आगरा:
- कानपुर: उत्तर भारत का सबसे बड़ा चर्म शोधन (Tanning) एवं चमड़ा उत्पाद केंद्र। यहाँ सैडलरी (घोड़े की काठी व साज-सामान), बेल्ट, बैग, जैकेट और तकनीकी लेदर का भारी पैमाने पर निर्यात होता है। इसे 'चर्मोद्योग की राजधानी' कहा जाता है।
- आगरा: भारत का सबसे बड़ा जूता विनिर्माण (Footwear Manufacturing) केंद्र। देश के कुल घरेलू जूता उत्पादन का लगभग 65% और कुल जूता निर्यात का 28% से अधिक हिस्सा आगरा से पूरा होता है।
- संस्थान: केंद्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान (CLRI - चेन्नई) का क्षेत्रीय विस्तार केंद्र कानपुर में स्थित है। हार्टकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (HBTU) कानपुर में चर्म तकनीकी की उच्च शिक्षा दी जाती है। बंथरा (उन्नाव) में लेदर पार्क / मेगा लेदर क्लस्टर स्थापित है।
- B. पीतल एवं धातु हस्तशिल्प उद्योग (Brassware Industry) — मुरादाबाद:
- उपनाम: 'पीतल नगरी' (Brass City)।
- उत्पाद: पीतल के बर्तन, मूर्तियां, नक्काशीदार लैंप, फूलदान, ट्रॉफी और सजावटी कलाकृतियां।
- वैश्विक पहचान: अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और मध्य-पूर्व देशों में भारी निर्यात। मुरादाबाद के पीतल उद्योग को भौगोलिक उपदर्शन (GI Tag) प्राप्त है।
- अन्य धातु केंद्र: अलीगढ़ (ताला एवं हार्डवेयर उद्योग), हाथरस (धातु शिल्प एवं हींग उद्योग), संत कबीर नगर (बखिरा) (कांसा व फूल के बर्तन)।
- C. कांच एवं चूड़ी उद्योग (Glassware & Bangle Industry) — फिरोजाबाद:
- उपनाम: 'सुहाग नगरी' एवं 'कांच नगरी' (Glass City of India)।
- इतिहास एवं उत्पाद: मुगल काल से विकसित। यहाँ कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियां, सजावटी झूमर, बोतलें, वैज्ञानिक कांच उपकरण एवं कांच के खिलौने बनाए जाते हैं।
- कच्चा माल स्रोत: विंध्यन क्षेत्र व प्रयागराज (शंकरगढ़) से सिलिका सैंड (कांच बालू) की आपूर्ति होती है।
- संस्थान: सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ ग्लास इंडस्ट्री (CDGI) फिरोजाबाद में स्थित है। फिरोजाबाद की कांच चूड़ियों को GI Tag प्राप्त है।
- D. कालीन एवं दरी उद्योग (Carpet & Rug Industry) — भदोही एवं मिर्जापुर:
- भदोही (संत रविदास नगर): एशिया का सबसे बड़ा हाथ से बुने कालीन (Hand-knotted Carpets) का निर्माण व निर्यात केंद्र। इसे 'कालीन नगरी' (Carpet City) कहा जाता है।
- मिर्जापुर: ऊनी व सूती कालीनों एवं दरियों का ऐतिहासिक उत्पादक केंद्र।
- वैश्विक निर्यात: भारत से निर्यात होने वाले कुल हस्तनिर्मित कालीनों का 60% से अधिक हिस्सा भदोही-मिर्जापुर-वाराणसी परिक्षेत्र से जाता है।
- संस्थान: भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT - Indian Institute of Carpet Technology) भदोही में स्थित है (एशिया का एकमात्र समर्पित कालीन संस्थान)। भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को GI Tag प्राप्त है।
2. उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहर एवं उत्पाद (Comprehensive Industrial Matrix)
| उद्योग / शिल्प | प्रमुख केंद्र / जिले | विशेष औद्योगिक एवं परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|
| चमड़ा एवं फुटवियर | कानपुर, आगरा, उन्नाव (बंथरा) | कानपुर सैडलरी व टैनिंग हेतु; आगरा फुटवियर निर्माण में देश में अग्रणी। |
| पीतल एवं धातु शिल्प | मुरादाबाद, हाथरस, संत कबीर नगर (बखिरा) | मुरादाबाद 'पीतल नगरी'; बखिरा कांसे व फूल के बर्तनों हेतु विख्यात। |
| कांच एवं चूड़ी | फिरोजाबाद, बहजोई (संभल), नैनी (प्रयागराज) | फिरोजाबाद 'सुहाग नगरी'; भारत के चूड़ी उद्योग का एकाधिकार केंद्र। |
| कालीन एवं दरी | भदोही, मिर्जापुर, सीतापुर, आगरा | भदोही में IICT संस्थान; भारत के कालीन निर्यात का 60%+ केंद्र। |
| जरी-जरदोजी व चिकनकारी | लखनऊ (चिकनकारी), बरेली, बदायूं, कासगंज (जरी) | लखनऊ चिकनकारी को GI टैग; नवाबों के काल से पोषित नाजुक सुई-कशीदाकारी। |
| बनारसी रेशमी साड़ी | वाराणसी, मुबारकपुर (आजमगढ़), मऊ | सोने-चांदी के तारों (जरी) से बुनी ब्रोकेड साड़ियां; वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित। |
| सूती वस्त्र उद्योग | कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़ | कानपुर को 'उत्तर भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है। |
| ताला एवं हार्डवेयर | अलीगढ़ | 'ताला नगरी' (Lock City); सुरक्षा ताले, कब्जे व पीतल हार्डवेयर। |
| इत्र एवं सुगंधित तेल | कन्नौज, जौनपुर, गाजीपुर (गुलाब जल) | कन्नौज 'इत्र नगरी' व 'खुशबुओं का शहर' (Grasse of the East)। |
| चीनी उद्योग (Sugar) | मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, देवरिया, लखीमपुर खीरी | भारत की पहली चीनी मिल 1903 में प्रतापपुर (देवरिया) में स्थापित हुई थी। |
| काष्ठ नक्काशी (Wood Carving) | सहारनपुर, नगीना (बिजनौर) | शीशम व सागौन की लकड़ी पर बारीक नक्काशी युक्त फर्नीचर व हस्तशिल्प। |
| खेल का सामान (Sports Goods) | मेरठ एवं आगरा | क्रिकेट बैट, फुटबॉल, एथलेटिक्स उपकरण (जालंधर के साथ देश का प्रमुख केंद्र)। |
| दियासलाई (माचिस) उद्योग | बरेली, सहारनपुर, प्रयागराज, मेरठ | बरेली दियासलाई, सुरमा एवं बेत-फर्नीचर उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र है। |
| ब्लैक पॉटरी एवं टेराकोटा | निजामाबाद (आजमगढ़) - ब्लैक पॉटरी गोरखपुर - टेराकोटा शिल्प |
दोनों शिल्पों को भौगोलिक उपदर्शन (GI Tag) प्राप्त है। |
| कागज़ एवं लुगदी उद्योग | सहारनपुर (स्टार पेपर मिल), मुजफ्फरनगर, जालौन (कालपी) | कालपी (जालौन) हाथ से बने हस्तनिर्मित कागज (Handmade Paper) हेतु प्रसिद्ध। |
3. प्रमुख औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Industrial Development Authorities)
- नोएडा (NOIDA): नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण — 17 अप्रैल 1976 को स्थापित (इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल निर्माण हब)।
- ग्रेटर नोएडा (GNIDA): वृहद नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण — जनवरी 1991 में स्थापित (ऑटोमोबाइल, शिक्षा एवं डेटा सेंटर हब)।
- गीडा (GIDA): गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण — 1989 में स्थापित।
- सीडा (SIDA): सतहरिया औद्योगिक विकास प्राधिकरण — 1989 में जौनपुर में स्थापित।
- लीडा (LIDA): लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण — 2005 में स्थापित।
- यीडा (YEIDA): यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण — 2001 में स्थापित (जेवर एयरपोर्ट, फिल्म सिटी एवं टॉय पार्क)।
- बीडा (BIDA): बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण — 2023 में झांसी के आसपास नोएडा की तर्ज पर सृजित नवीनतम औद्योगिक शहर।
- यूपीसीडा (UPSIDA): उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (मुख्यालय: कानपुर)।
- उत्तर भारत का मैनचेस्टर: कानपुर (सूती वस्त्र एवं चर्म उद्योग)।
- पीतल नगरी: मुरादाबाद (ब्रास हैंडीक्राफ्ट्स का वैश्विक निर्यातक)।
- सुहाग नगरी / कांच नगरी: फिरोजाबाद (कांच की चूड़ियां व लैंप)।
- कालीन नगरी: भदोही (एशिया का एकमात्र कालीन संस्थान IICT यहीं स्थित है)।
- भारत की पहली चीनी मिल: 1903 में प्रतापपुर (देवरिया) में स्थापित की गई थी।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. उत्तर प्रदेश का कौन सा नगर अपने कांच उद्योग एवं चूड़ी निर्माण के लिए 'सुहाग नगरी' के नाम से जाना जाता है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. एशिया का एकमात्र 'भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान' (Indian Institute of Carpet Technology - IICT) उत्तर प्रदेश के किस जनपद में स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. भारत में आधुनिक चीनी उद्योग की शुरुआत करते हुए देश की पहली चीनी मिल वर्ष 1903 में कहाँ स्थापित की गई थी?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. हाथ से बने हस्तनिर्मित कागज (Handmade Paper) उद्योग के लिए उत्तर प्रदेश का कौन सा ऐतिहासिक नगर प्रसिद्ध है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. 'गीडा' (GIDA - गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
उत्तर एवं व्याख्या
👉 https://t.me/toppersaddaofficial