UP GK Notes: उत्तर प्रदेश के खनिज संसाधन | Mineral Resources of UP: Limestone, Bauxite, Silica Sand, Coal & Top Districts
भू-गर्भिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश का अधिकांश भाग नवीन जलोढ़ मिट्टी से निर्मित गंगा के विशाल मैदान के अंतर्गत आता है, जो खनिज संपदा की दृष्टि से निर्धन है। किंतु राज्य का दक्षिणी पठारी भू-भाग (विंध्य पर्वत श्रृंखला एवं बुंदेलखंड का पठार) प्राचीनतम प्री-कैम्ब्रियन कालीन नीस, ग्रेनाइट एवं विंध्यन शैल समूहों से बना है, जहां प्रचुर मात्रा में अधात्विक, गौण एवं ऊर्जा खनिज पाए जाते हैं। मिर्जापुर का चूना पत्थर व डोलोमाइट, प्रयागराज की सिलिका सैंड (कांच बालू), बांदा का बॉक्साइट, सोनभद्र का कोयला (सिंगरौली बेसिन) और ललितपुर का यूरेनियम व तांबा प्रतियोगी परीक्षाओं में सर्वाधिक पूछे जाने वाले खनिज केंद्र हैं।
1. उत्तर प्रदेश में खनिज नीति एवं महत्वपूर्ण संस्थागत तथ्य
- खनिज स्थिति: खनिज संसाधनों की दृष्टि से उत्तर प्रदेश एक निम्न-मध्यम श्रेणी (Low-Medium Category) का राज्य है। भारत के कुल खनिज उत्पादन मूल्य में राज्य का हिस्सा लगभग 2% से 3% के आसपास रहता है (मुख्यतः गौण खनिजों के बल पर)।
- भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय: उत्तर प्रदेश में व्यवस्थित खनिज अन्वेषण और विकास हेतु 1955 में 'भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय' (Directorate of Geology and Mining) की स्थापना की गई थी (मुख्यालय: लखनऊ)।
- उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम: खनिजों के वाणिज्यिक विदोहन हेतु 23 मार्च 1974 को इसकी स्थापना की गई थी (वर्तमान में इसे समाप्त कर निदेशालय द्वारा कार्य संचालित किया जाता है)।
- प्रथम खनिज नीति (First Mineral Policy): उत्तर प्रदेश की पहली खनिज नीति दिसंबर 1998 में घोषित की गई थी। इस नीति के तहत खनिज विकास को 'उद्योग' (Industry) का दर्जा दिया गया तथा राज्य के 12 जिलों को खनिज बाहुल्य क्षेत्र घोषित किया गया।
- 12 खनिज बाहुल्य जिले: प्रयागराज, कौशांबी, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली एवं सहारनपुर।
- नवीन खनिज नीति 2017: पारदर्शी ई-टेंडरिंग/ई-नीलामी, अवैध खनन पर अंकुश तथा खनन क्षेत्र से राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से मई 2017 में नई खनिज नीति प्रख्यापित की गई।
2. प्रमुख खनिज: विस्तार, प्राप्ति क्षेत्र एवं औद्योगिक उपयोग (Core Minerals)
- 1. चूना पत्थर (Limestone):
- प्रमुख जिले: मिर्जापुर एवं सोनभद्र (विंध्यन शैल समूह के रोहतास व कजराहट क्षेत्र)।
- विशिष्ट खदान क्षेत्र:
- सोनभद्र: कजराहट (पोर्टलैंड सीमेंट व रासायनिक ग्रेड का उत्तम चूना पत्थर)।
- मिर्जापुर: गुरमा, कनाच, बाघावार और भलुआ।
- औद्योगिक उपयोग: सोनभद्र के चुर्क एवं डाला सीमेंट कारखानों तथा मिर्जापुर के चुनार सीमेंट कारखाने को कच्चा माल यहीं से उपलब्ध कराया जाता है।
- 2. कोयला (Coal):
- एकमात्र प्राप्ति जिला: सोनभद्र।
- खनन क्षेत्र: सोनभद्र का सिंगरौली कोयला क्षेत्र (Singrauli Coalfield - गोंडवाना शैल समूह)।
- औद्योगिक उपयोग: यहाँ से प्राप्त होने वाले बिटुमिनस/सब-बिटुमिनस ग्रेड के कोयले का उपयोग NTPC सिंगरौली, रिहंद सुपर थर्मल पावर स्टेशन एवं ओबरा ताप विद्युत गृह में विद्युत उत्पादन के लिए किया जाता है।
- 3. सिलिका सैंड / कांच बालू (Silica Sand):
- उत्पादन में स्थान: भारत में आंध्र प्रदेश के बाद सिलिका सैंड उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों (प्रथम/द्वितीय) में शामिल है।
- प्रमुख जिले: प्रयागराज (शंकरगढ़ एवं नैनी क्षेत्र), चित्रकूट (बरगढ़ क्षेत्र), बांदा एवं चंदौली (चकिया)।
- स्रोत: यह गंगा और यमुना नदियों के तटीय बालू तथा विंध्यन बलुआ पत्थरों को पीसकर तैयार की जाती है।
- औद्योगिक उपयोग: कांच निर्माण, ऑप्टिकल लेंस एवं फाउंड्री उद्योग (नैनी, फिरोजाबाद और बहजोई के कांच उद्योगों की रीढ़)।
- 4. बॉक्साइट (Bauxite - एल्युमीनियम अयस्क):
- प्रमुख जिले: बांदा (राजापुर क्षेत्र), चंदौली (चकिया क्षेत्र) एवं ललितपुर।
- औद्योगिक उपयोग: बॉक्साइट से एल्यूमिना तैयार किया जाता है। सोनभद्र के रेणुकूट में स्थित हिंडाल्को (HINDALCO - Birla Group) एल्युमीनियम संयंत्र को कच्चा माल राज्य के इन्हीं क्षेत्रों तथा झारखंड-ओडिशा से प्राप्त होता है।
- 5. डोलोमाइट (Dolomite):
- प्रमुख जिले: सोनभद्र (कजराहट एवं बिल्ली-मारकुंडी क्षेत्र), बांदा एवं मिर्जापुर।
- औद्योगिक उपयोग: इस्पात निर्माण उद्योग में फ्लक्स (Flux/ग़ालक) के रूप में, सीमेंट निर्माण में तथा कांच व प्लास्टर ऑफ पेरिस उद्योगों में। सोनभद्र का डोलोमाइट सेल (SAIL) के बोकारो इस्पात संयंत्र को भेजा जाता है।
- 6. यूरेनियम एवं तांबा (Uranium & Copper):
- यूरेनियम: उत्तर प्रदेश में यूरेनियम की सीमित प्राप्ति का एकमात्र जिला ललितपुर है (परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा अन्वेषित)।
- तांबा (Copper): ललितपुर जिले का सोनराई क्षेत्र (आग्नेय एवं रूपांतरित चट्टानों की परतों में)।
3. उत्तर प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण खनिज एवं संबंधित जिले (Complete Mineral Matrix)
| खनिज का नाम | प्राप्ति स्थल / जिले | उपयोग एवं विशिष्ट परीक्षा बिंदु |
|---|---|---|
| चूना पत्थर (Limestone) | मिर्जापुर (गुरमा, कनाच), सोनभद्र (कजराहट) | चुर्क, डाला एवं चुनार सीमेंट उद्योगों की आधारशिला। |
| कोयला (Coal) | सोनभद्र (सिंगरौली कोयला क्षेत्र) | गोंडवाना क्रम की शैलें; ओबरा, रिहंद व एनटीपीसी सिंगरौली हेतु। |
| सिलिका सैंड (कांच बालू) | प्रयागराज (शंकरगढ़), चित्रकूट (बरगढ़), बांदा, चंदौली | देश में अग्रणी स्थान; फिरोजाबाद व नैनी के कांच कारखानों हेतु। |
| बॉक्साइट (Bauxite) | बांदा, चंदौली (चकिया), ललितपुर | हिंडाल्को (रेणुकूट) एल्युमीनियम कारखाने के लिए कच्चा माल। |
| डोलोमाइट (Dolomite) | सोनभद्र (कजराहट), बांदा, मिर्जापुर | इस्पात एवं सीमेंट उद्योग में गालक के रूप में प्रयुक्त। |
| यूरेनियम (Uranium) | ललितपुर (एकमात्र जिला) | नाभिकीय ऊर्जा विकास हेतु सीमित भंडार। |
| तांबा (Copper) | ललितपुर (सोनराई क्षेत्र) | आग्नेय चट्टानों की दरारों में तांबा अयस्क के निक्षेप। |
| पायरोफिलाइट एवं डायस्पोर | झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा | तापसह (Refractory) ईंटें, सिरेमिक्स व कीटनाशक उद्योग। |
| चाइना क्ले (China Clay) | सोनभद्र एवं बांदा | चीनी मिट्टी के बर्तन, इंसुलेटर व सैनिटरी वेयर। |
| जिप्सम (Gypsum) | हमीरपुर एवं झांसी | सीमेंट उद्योग, प्लास्टर ऑफ पेरिस तथा क्षारीय भूमि सुधार। |
| सोना (Gold) | ललितपुर (भीकमपुर), सोनभद्र (सोनपहाड़ी) एवं शारदा/रामगंगा नदी की बालू | नदियों की बालू में प्लेसर निक्षेप (Placer Gold Deposits)। |
| हीरा (Diamond) | बांदा एवं मिर्जापुर (सीमित मात्रा) | मध्य प्रदेश के पन्ना पट्टे के समीपवर्ती नदी तलछट में। |
| एस्बेस्टस (Asbestos) | मिर्जापुर एवं झांसी | अग्निरोधक वस्त्र, चादरें एवं विद्युत रोधी उपकरण। |
| रॉक फॉस्फेट (Rock Phosphate) | ललितपुर (दुरमाला) एवं बांदा | फॉस्फेटिक रासायनिक उर्वरक उद्योग एवं अम्लीय मृदा सुधार। |
- यूरेनियम का एकमात्र जिला: ललितपुर।
- कोयले का एकमात्र क्षेत्र: सोनभद्र का सिंगरौली क्षेत्र।
- सिलिका सैंड (कांच बालू) का प्रमुख केंद्र: प्रयागराज का शंकरगढ़ एवं चित्रकूट का बरगढ़।
- प्रथम खनिज नीति: दिसंबर 1998 में घोषित (जिसमें खनिज को 'उद्योग' का दर्जा दिया गया)।
- चूना पत्थर आधारित सीमेंट कारखाने: सोनभद्र के चुर्क एवं डाला तथा मिर्जापुर का चुनार।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. उत्तर प्रदेश के किस जिले में यूरेनियम के सीमित भंडार खोजे गए हैं?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. उत्तर प्रदेश में कोयले की प्राप्ति निम्नलिखित में से किस जिले एवं क्षेत्र से होती है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. कांच उद्योग के लिए आवश्यक 'सिलिका सैंड' (कांच बालू) के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का कौन सा जिला अग्रणी है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. रेणुकूट (सोनभद्र) में स्थित 'हिंडाल्को' एल्युमीनियम संयंत्र को बॉक्साइट की आपूर्ति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के किस जिले से होती है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खनिज विकास को पहली बार 'उद्योग' का दर्जा किस वर्ष की खनिज नीति में दिया गया था?
उत्तर एवं व्याख्या
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