UP GK Notes: उत्तर प्रदेश पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय | Panchayati Raj & Urban Local Bodies of UP | 17 नगर निगम सूची
लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण (Democratic Decentralization) को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश में ग्रामीण स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था तथा शहरी स्तर पर त्रिस्तरीय नगर स्थानीय स्वशासन लागू है। 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने अपने राज्य अधिनियमों में संशोधन कर स्थानीय निकायों को संवैधानिक अधिकार प्रदान किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं (विशेषकर VDO, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल व UPPSC) में ग्राम सभा, आरक्षण, वित्त आयोग तथा प्रदेश के 17 नगर निगमों से संबंधित प्रश्न निरंतर पूछे जाते हैं।
1. उत्तर प्रदेश पंचायती राज: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं संवैधानिक विकास
- प्रारंभिक अधिनियम: संयुक्त प्रांत (उत्तर प्रदेश) में पंचायतों की स्थापना हेतु 'संयुक्त प्रांत ग्राम पंचायत अधिनियम, 1947' पारित किया गया, जिसे 5 जून 1947 को राज्यपाल की स्वीकृति मिली तथा 15 अगस्त 1947 से यह लागू हुआ।
- क्षेत्र समिति एवं जिला परिषद अधिनियम, 1961: बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफारिशों के आधार पर उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय व्यवस्था को वैधानिक स्वरूप देने हेतु 1961 में यह अधिनियम बना।
- 73वां संविधान संशोधन और राज्य विधियां: 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अनुपालन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 'उत्तर प्रदेश पंचायत विधि (संशोधन) अधिनियम, 1994' पारित किया गया, जो 22 अप्रैल 1994 से पूरे प्रदेश में लागू हुआ।
- पंचायतों को प्रदत्त विषय: 11वीं अनुसूची के कुल 29 विषयों में से उत्तर प्रदेश में पंचायतों को विभिन्न चरणों में कार्य सौंपे गए हैं।
2. त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का संरचनात्मक ढांचा (Three-Tier Structure)
| स्तर (Tier) | संस्था का नाम | प्रमुख / पदधारक (Head) | प्रशासनिक अधिकारी (Govt. Official) |
|---|---|---|---|
| शीर्ष स्तर (जिला) | जिला पंचायत (Zila Panchayat) | जिला पंचायत अध्यक्ष (अप्रत्यक्ष चुनाव) | मुख्य विकास अधिकारी (CDO) / अपर मुख्य अधिकारी (AMA) |
| मध्यवर्ती स्तर (ब्लॉक) | क्षेत्र पंचायत (Kshetra Panchayat) | ब्लॉक प्रमुख (अप्रत्यक्ष चुनाव — BDC सदस्यों द्वारा) | खंड विकास अधिकारी (BDO - Block Development Officer) |
| आधारभूत स्तर (गांव) | ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) | ग्राम प्रधान (प्रत्यक्ष चुनाव — ग्राम सभा मतदाताओं द्वारा) | ग्राम पंचायत अधिकारी (VDO) / ग्राम विकास अधिकारी |
- ग्राम सभा (Gram Sabha): किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क (18 वर्ष या अधिक) नागरिकों का समूह 'ग्राम सभा' कहलाता है। ग्राम सभा की वर्ष में कम से कम 2 सामान्य बैठकें अनिवार्य हैं (खरीफ फसल के बाद और रबी फसल के बाद)।
- ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या:
- 1,000 तक की आबादी पर: 9 सदस्य
- 1,001 से 2,000 तक की आबादी पर: 11 सदस्य
- 2,001 से 3,000 तक की आबादी पर: 13 सदस्य
- 3,000 से अधिक आबादी पर: 15 सदस्य
- आरक्षण व्यवस्था (Reservation):
- महिलाओं के लिए सभी स्तरों पर कम से कम 1/3 सीटें (33.33%) आरक्षित हैं।
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया जाता है।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अधिकतम 27% तक आरक्षण की व्यवस्था है (बशर्ते कुल आरक्षण 50% से अधिक न हो)।
- कार्यकाल एवं विघटन: पंचायतों का कार्यकाल प्रथम बैठक की तिथि से 5 वर्ष होता है। यदि पंचायत समय से पूर्व भंग हो जाए, तो 6 माह के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है (परंतु शेष अवधि 6 माह से कम हो, तो शेष काल हेतु चुनाव आवश्यक नहीं)।
- न्यूनतम आयु सीमा: पंचायत चुनाव लड़ने हेतु न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा मतदान हेतु 18 वर्ष निर्धारित है।
3. नगरीय स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies - 74वां संशोधन)
उत्तर प्रदेश में नगरों के प्रशासन हेतु 'उत्तर प्रदेश नगर स्थानीय स्वशासन (संशोधन) अधिनियम, 1994' लागू है। 12वीं अनुसूची के 18 विषयों पर कार्य करने हेतु नगर निकायों को 3 श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- 1. नगर निगम (Municipal Corporation): 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले वृहद महानगरों में। इसका प्रमुख महापौर (Mayor) होता है, जिसका निर्वाचन नगर की जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है। प्रशासनिक प्रमुख नगर आयुक्त (Municipal Commissioner - IAS/PCS अधिकारी) होता है।
- 2. नगर पालिका परिषद (Municipal Council): 1 लाख से 5 लाख तक की आबादी वाले मध्यम शहरों में। इसका अध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है तथा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अधिशासी अधिकारी (Executive Officer - EO) होता है।
- 3. नगर पंचायत (Town Panchayat): ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में संक्रमणशील (Transitional) छोटे कस्बों में (20,000 से 1 लाख तक की आबादी)।
4. उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों की आधिकारिक सूची (Complete 17 Municipal Corporations)
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कुल 17 नगर निगम कार्यरत हैं। प्रदेश का 17वां एवं नवीनतम नगर निगम शाहजहांपुर (अप्रैल 2018 में सृजित) है:
| क्र.सं. | नगर निगम का नाम | संबंधित जिला | विशेष विवरण / ऐतिहासिक तथ्य |
|---|---|---|---|
| 1 | कानपुर | कानपुर नगर | 1959 में गठित उत्तर प्रदेश के सबसे पुराने नगर निगमों में से एक। |
| 2 | लखनऊ | लखनऊ | 1959 में स्थापित, प्रदेश की राजधानी का नगर निगम। |
| 3 | वाराणसी | वाराणसी | 1982 में अपग्रेड किया गया, सांस्कृतिक राजधानी। |
| 4 | प्रयागराज (इलाहाबाद) | प्रयागराज | 1994 में गठित, संगम नगरी। |
| 5 | आगरा | आगरा | 1994 में गठित, ताजनगरी। |
| 6 | मेरठ | मेरठ | 1994 में गठित, क्रांतिधरा। |
| 7 | बरेली | बरेली | 1994 में गठित, रुहेलखंड का प्रमुख केंद्र। |
| 8 | गोरखपुर | गोरखपुर | 1994 में गठित, नाथ नगरी। |
| 9 | गाजियाबाद | गाजियाबाद | 1994 में गठित, NCR का औद्योगिक हब। |
| 10 | मुरादाबाद | मुरादाबाद | 1994 में गठित, पीतल नगरी। |
| 11 | अलीगढ़ | अलीगढ़ | 1997 में गठित, ताला नगरी। |
| 12 | झांसी | झांसी | 2002 में गठित, बुंदेलखंड का प्रमुख नगर। |
| 13 | सहारनपुर | सहारनपुर | 2009 में गठित, काष्ठ कला उद्योग केंद्र। |
| 14 | फिरोजाबाद | फिरोजाबाद | 2014 में गठित, सुहाग नगरी (कांच उद्योग)। |
| 15 | अयोध्या | अयोध्या | मई 2017 में फैजाबाद एवं अयोध्या को मिलाकर गठित। |
| 16 | मथुरा - वृंदावन | मथुरा | मई 2017 में मथुरा और वृंदावन नगर पालिकाओं को मिलाकर गठित। |
| 17 | शाहजहांपुर (17वां नवीनतम) | शाहजहांपुर | अप्रैल 2018 में गठित प्रदेश का 17वां एवं सबसे नया नगर निगम। |
5. राज्य निर्वाचन आयोग एवं राज्य वित्त आयोग
- राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission - Article 243K):
- उत्तर प्रदेश में पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निष्पक्ष चुनाव हेतु 23 अप्रैल 1994 को राज्य निर्वाचन आयोग का गठन किया गया।
- राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission - Article 243I):
- पंचायतों एवं नगर निकायों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु राज्यपाल प्रत्येक 5 वर्ष पर राज्य वित्त आयोग का गठन करते हैं।
- उत्तर प्रदेश में प्रथम राज्य वित्त आयोग का गठन वर्ष 1994 में हुआ था।
- उत्तर प्रदेश पंचायत विधि संशोधन: 22 अप्रैल 1994 से लागू हुआ।
- कुल नगर निगम: वर्तमान में 17 नगर निगम हैं (17वां नगर निगम: शाहजहांपुर, 2018)।
- 2017 में बने दो नगर निगम: अयोध्या तथा मथुरा-वृंदावन।
- पंचायत चुनाव न्यूनतम आयु: 21 वर्ष (मतदान आयु 18 वर्ष)।
- महिला आरक्षण: पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कम से कम 33% (1/3) आरक्षण अनिवार्य है।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. 73वें संविधान संशोधन के परिप्रेक्ष्य में 'उत्तर प्रदेश पंचायत विधि (संशोधन) अधिनियम' किस तिथि से लागू किया गया?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. अप्रैल 2018 में उत्तर प्रदेश का 17वां नगर निगम निम्नलिखित में से किसे घोषित किया गया था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. किसी ग्राम पंचायत में सदस्यों (वार्ड मेंबर्स) की न्यूनतम एवं अधिकतम संख्या क्रमशः कितनी हो सकती है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. उत्तर प्रदेश में नगर निगम के प्रमुख 'महापौर' (Mayor) का निर्वाचन किस प्रकार संपन्न होता है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. संविधान के किस अनुच्छेद के तहत उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव कराने हेतु 'राज्य निर्वाचन आयोग' की व्यवस्था है?
उत्तर एवं व्याख्या
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