UP GK Notes: उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल | Major Religious & Tourist Places of UP
उत्तर प्रदेश भारत की आध्यात्मिक चेतना, तीर्थाटन और ऐतिहासिक धरोहरों का सबसे बड़ा केंद्र है। यह पावन धरा सनातन धर्म के प्रमुख अवतारों (श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या एवं श्री कृष्ण की लीलास्थली मथुरा-वृंदावन), अनादि काल से विश्व की सांस्कृतिक राजधानी रही वाराणसी (काशी), प्रभु श्री राम की वनवास स्थली चित्रकूट तथा बौद्ध धर्म के दो प्रमुख स्तंभों—प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ और महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर को अपने में समेटे हुए है।
1. उत्तर प्रदेश पर्यटन: नीतियां एवं प्रमुख सर्किट (Tourism Circuits)
- पर्यटन विभाग एवं निगम की स्थापना: उत्तर प्रदेश में पर्यटन विभाग की स्थापना 1956 में हुई तथा उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) की स्थापना 1974 में की गई।
- उद्योग का दर्जा: उत्तर प्रदेश में पर्यटन को प्रथम पर्यटन नीति (1998) के तहत उद्योग का दर्जा दिया गया था।
- प्रमुख पर्यटन सर्किट:
- रामायण सर्किट: अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट आदि।
- बौद्ध सर्किट (Buddhist Circuit): कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर), सारनाथ (वाराणसी), श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशांबी, संकिसा (फर्रुखाबाद)।
- ब्रज सर्किट: मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, महावन।
- हेरिटेज आर्क (Heritage Arc): आगरा – लखनऊ – वाराणसी।
2. प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल: विस्तृत विवरण
- वाराणसी (काशी / बनारस):
- उपनाम: भारत की सांस्कृतिक राजधानी, मोक्षनगरी, घाटों व मंदिरों का नगर, दीपों का शहर। यह वरुणा और असि नदियों के मध्य स्थित है।
- काशी विश्वनाथ मंदिर: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। वर्तमान मंदिर का जीर्णोद्धार 1780 ई. में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा कराया गया था। इसके शिखर को पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने 1835 में स्वर्णमंडित कराया था।
- प्रमुख स्थल एवं घाट: दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट, अस्सी घाट (84 प्रसिद्ध घाट), संकट मोचन मंदिर (गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित), भारत माता मंदिर (बाबू शिवप्रसाद गुप्त द्वारा निर्मित, महात्मा गांधी द्वारा उद्घाटित—यहाँ संगमरमर पर भारत का अविभाजित त्रिविमीय नक्शा है)।
- अयोध्या (साकेत):
- महत्व: सरयू नदी के तट पर स्थित मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) सहित 5 तीर्थंकरों की जन्मभूमि।
- प्रमुख दर्शनीय स्थल: भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी (विक्रमादित्य काल/अवध के नवाबों के संरक्षण में), कनक भवन (ओरछा की महारानी वृषभान कुंवरि द्वारा निर्मित), नागेश्वरनाथ मंदिर (भगवान राम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित), गुप्तार घाट (जहाँ प्रभु राम ने जल समाधि ली थी)।
- मथुरा - वृंदावन (ब्रज मंडल):
- मथुरा: यमुना तट पर स्थित भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि। प्राचीन सूरसेन महाजनपद की राजधानी तथा कुषाण काल में मूर्तिकला की 'मथुरा शैली' का वैश्विक केंद्र। प्रमुख स्थल: श्री कृष्ण जन्मस्थान, द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट, कंस टीला।
- वृंदावन: भगवान कृष्ण की बाल-लीलाओं की तपोस्थली। प्रमुख मंदिर: बांके बिहारी मंदिर (स्वामी हरिदास जी द्वारा प्रतिष्ठित प्रतिमा), गोविंद देव मंदिर (राजा मानसिंह द्वारा निर्मित लाल बलुआ पत्थर का ऐतिहासिक मंदिर), प्रेम मंदिर (कृपालु जी महाराज), रंगनाथ मंदिर (द्रविड़ शैली में निर्मित भगवान विष्णु का मंदिर), इस्कॉन (ISCKON) मंदिर।
- अन्य ब्रज स्थल: गोवर्धन (21 किमी मानसी गंगा परिक्रमा), बरसाना (राधा रानी/लाडली जी मंदिर, लठमार होली का केंद्र)।
- सारनाथ (ऋषिपत्तन / मृगदाव):
- स्थान: वाराणसी से 10 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित।
- धार्मिक महत्व: ज्ञान प्राप्ति (बोधगया) के पश्चात गौतम बुद्ध ने अपने 5 संन्यासियों को यहीं अपना प्रथम उपदेश दिया, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'धर्मचक्रप्रवर्तन' कहा गया।
- ऐतिहासिक स्मारक:
- धमेख स्तूप: मौर्य/गुप्त कालीन विशाल ठोस ईंटों का स्तूप।
- चौखंडी स्तूप: अष्टकोणीय बुर्ज युक्त स्मारक, जहाँ बुद्ध अपने शिष्यों से मिले थे (हुमायूं के आगमन की स्मृति में अकबर ने बुर्ज बनवाया)।
- अशोक स्तंभ: मौर्य सम्राट अशोक द्वारा निर्मित सिंह चतुर्मुख स्तंभ शीर्ष, जिसे 26 जनवरी 1950 को भारत का 'राष्ट्रीय प्रतीक' (National Emblem) घोषित किया गया।
- चित्रकूट (तपोभूमि):
- स्थान: मंदाकिनी (पयस्विनी) नदी के तट पर स्थित। उत्तर प्रदेश (चित्रकूट जिला) एवं मध्य प्रदेश की सीमा पर फैला शांत वन-क्षेत्र।
- धार्मिक महत्व: मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण ने अपने 14 वर्षों के वनवास काल में से 11 वर्ष 11 माह यहीं व्यतीत किए थे।
- प्रमुख स्थल: कामतानाथ पर्वत (कामदगिरि की 5 किमी परिक्रमा), रामघाट (मंदाकिनी तट जहाँ तुलसीदास जी को भगवान राम के दर्शन हुए थे), जानकी कुंड, स्फटिक शिला (जहाँ जयंत ने सीता जी के चरण में चोंच मारी थी), सती अनुसुइया आश्रम, गुप्त गोदावरी गुफाएं।
- कुशीनगर (कुशीनारा):
- स्थान: पूर्वी उत्तर प्रदेश का अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ स्थल (प्राचीन मल्ल गणराज्य की राजधानी)।
- महापरिनिर्वाण: 483 ई.पू. में 80 वर्ष की आयु में महात्मा बुद्ध ने हिरण्यवती नदी के तट पर चुंद कर्मकार के यहाँ अंतिम भोजन के पश्चात महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
- प्रमुख स्मारक: महापरिनिर्वाण स्तूप व मंदिर (यहाँ भगवान बुद्ध की 6.1 मीटर लंबी लाल बलुआ पत्थर की लेटी हुई/शयन मुद्रा की प्रतिमा है), रामाभार स्तूप (मुकुटबंधन चैत्य) (बुद्ध का अंतिम संस्कार स्थल)।
3. प्रमुख धार्मिक स्थल एवं उनके परीक्षा उपयोगी तथ्य (Comparative Matrix)
| स्थल का नाम | समीपस्थ नदी | मुख्य मंदिर / ऐतिहासिक स्मारक | विशिष्ट पहचान / परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|---|
| वाराणसी | गंगा (वरुणा-असि) | काशी विश्वनाथ, संकट मोचन, भारत माता मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर | अहिल्याबाई होल्कर द्वारा मंदिर पुनर्निर्माण; शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की पहली सांस्कृतिक राजधानी। |
| अयोध्या | सरयू (घाघरा) | राम जन्मभूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी, नागेश्वरनाथ, गुप्तार घाट | प्राचीन नाम 'अयाज्झा' व 'साकेत'; 5 जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली। |
| मथुरा - वृंदावन | यमुना | बांके बिहारी, द्वारकाधीश, गोविंद देव, रंगनाथ मंदिर (द्रविड़ शैली), प्रेम मंदिर | कुषाण कालीन मथुरा कला शैली; सर्वाधिक मेलों (86) वाला जिला। |
| सारनाथ | गंगा-वरुणा संगम समीप | धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप, अशोक स्तंभ, मूलगंध कुटी विहार | बुद्ध का प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन); भारत का राष्ट्रीय राजकीय प्रतीक यहीं से गृहीत। |
| चित्रकूट | मंदाकिनी (पयस्विनी) | कामदगिरि पर्वत, रामघाट, स्फटिक शिला, जानकी कुंड, गुप्त गोदावरी | श्री राम का वनवास स्थल; महर्षि अत्रि एवं सती अनुसुइया की तपोभूमि। |
| कुशीनगर | हिरण्यवती / गंडक | महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप, माथाकुंवर मंदिर | प्राचीन मल्ल गणराज्य; भगवान बुद्ध की 6.1 मीटर शयन मुद्रा वाली प्रतिमा। |
- काशी विश्वनाथ पुनर्निर्माण: 1780 ई. में महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा कराया गया।
- भारत का राष्ट्रीय प्रतीक: सारनाथ के अशोक सिंह स्तंभ शीर्ष से लिया गया है।
- महापरिनिर्वाण स्तूप: कुशीनगर में स्थित है, जहाँ बुद्ध की शयन मुद्रा प्रतिमा स्थापित है।
- भारत माता मंदिर: वाराणसी में स्थित है, जिसका उद्घाटन 1936 में महात्मा गांधी ने किया था।
- द्रविड़ शैली का रंगनाथ मंदिर: वृंदावन (मथुरा) में स्थित है।
परीक्षा में बार-बार पूछे गए अभ्यास प्रश्न (PYQ Practice Set)
प्र. 1. गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के पश्चात अपना प्रथम धर्मोपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन) उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर दिया था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 2. वाराणसी स्थित प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर का वर्तमान स्वरूप में पुनर्निर्माण 18वीं शताब्दी में किसके द्वारा कराया गया था?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 3. भगवान बुद्ध का 'महापरिनिर्वाण मंदिर' उत्तर प्रदेश के किस जनपद में स्थित है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 4. प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल 'चित्रकूट' निम्नलिखित में से किस पवित्र नदी के तट पर बसा हुआ है?
उत्तर एवं व्याख्या
प्र. 5. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित सुप्रसिद्ध 'गोविंद देव मंदिर' का निर्माण 1590 ई. में किस राजपूत राजा द्वारा करवाया गया था?
उत्तर एवं व्याख्या
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